अधम नहीं – शिशिर मधुकर

क्या करूं तुमसे गिला तुम में वो दम नहीं
ये दोष है मेरा मुहब्बत होती जो कम नहीं

मैं बस यहां उदास हूं तू सच ये जान ले
क्या तेरी आंखें बता बिलकुल भी नम नहीं

जिनके लिए पूजा नहीं बस है ये तिजारत
संग छूटने का उनको तो होता है गम नहीं

वो कह रहा है तुम नहीं पहचानते मुझे
ये बात मुझको हो रही है कुछ हजम नहीं

डर को पीछे छोड़ दो और तुम ये जान लो
प्यार है सच्चा अगर उसमें अधम नहीं

शिशिर मधुकर

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2 Comments

  1. C.M. Sharma 08/10/2019
    • Shishir "Madhukar" 08/10/2019

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