Plastic Se Azadi

प्लास्टिक से आजादी
स्वरचित-नीरज कुमार सिंह, लखनऊ
प्लास्टिक बोतल है,
नषा है, बैग है
जानलेवा बीमारी है,
अफीम की तरह।
प्लास्टिक की बाढ
बाजार में आयी है
नर-नारी, जानवर
सब पर वह भारी है।।
प्लास्टिक ज्वालामुखी है,
उसके धंुए में,
कैंसर की बीमारी है।
प्लास्टिक गलती नहीं,
किसी को बख्षती नहीं।
बाजार से, घर में,
घर से कूडेदान में,
उसे मिलती आजादी है।
वह घोलती
धीमा जहर,
सडक पर उडकर,
नाले को रोककर,
तेल, घी, दूध, पानी आदि
की बोतल से
बाहर आकर घूमती फिरती है वो।
चाय-काॅफी की
चुस्की के साथ,
मस्ति क में पहुंचती है वो।।
सांसों में हवा से
फेफडों में जाती है वो,
हर साल लाखों की जान लेती है वो।
प्लास्टिक षत्रु है
जानवरों का, मानव का, वातावरण का।।
गुलाम हुुए हम,
इस प्लास्टिक के,
कहती वो हमसे धीरे से,
मेरे बिना न खा पाओगे,
न पी पाओगे,
मेरे बिना
न जी पाओगे।
मैं साम्राज्य बढाऊंगी,
पूरी दुनियां निगल जाऊंगी।
हिम्मत है तो युद्ध करो,
या दासता स्वीकार करो।।
आओ मिलकर युद्ध करें,
प्रण करें
प्लास्टिक से आजादी का-2।।
दूर करो प्लास्टिक
घरों से, बाजारों से,
जिले से, इस देष से।
आजाद बनो, भगत बनो,
गांधी बन आजाद करो
इस देष को,
प्लास्टिक की जंजीरो से-2 ।।
’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

Leave a Reply