गीत – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

गीत

झिमिर – झिमिर पड़े पानी
कि रात में झींगुर बोले।

सावन – भादो जम के बरसा
विरह की रात सब है तरसा
तड़पे – छछने जवानी
कि रात में झींगुर बोले।

उमड – घुमड़ छाई घटा है
देख कैसी आई छटा है ।
आ गई मिलन तुफानी
कि रात में झींगुर बोले ।।

नाज – नखरा लागे सुहावन
उनके रूप लागे मनभावन।
देख उनकी नादानी
कि रात में झींगुर बोले।।

बिजली चमकी बादल गरजा
सैंयाँ जी, बाहों में भर जा।
करना नहीं मनमानी
कि रात में झींगुर बोले ।।

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

One Response

  1. arun kumar jha arun kumar jha 31/08/2019

Leave a Reply