नजरिया – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

नजरिया

ऐ नज़र तू संभल
दुश्मन देख के चल
अपना नजरिया बदल।

उहापोह में मत पड़
अपने दम पर अकड़
सत्य की राह पकड़ ।

लोगों को पहचान
हकीकतों को जान
मत कर अपमान ।

किसी को मत सताओ
दंगा मत भड़काओ
मन में शान्ति लाओ।

वादा निभाओ
कुछ करके दिखाओ
कर्म को अपनाओ।

मत करना पाप
कौन करेगा माफ
लो मत श्राप।

जीवन मत कर व्यर्थ
इसका सीखो अर्थ
होने मत दो अनर्थ।

दुख से मत घबराओ
आलस दूर हटाओ
अपनों को बचाओ।

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  1. vijaykr811 vijaykr811 20/08/2019

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