अक्स – शिशिर मधुकर

कुछ भी कहा ना मैंने पर तुम जान ही गए
बोली में दर्द धीमे से पहचान ही गए

दे के दिलासा कुछ तो मेरे गम को कम किया
मुझ पे हमेशा करते तुम एहसान ही गए

ला ला के अक्स मेरा शब्दों की माल में
मुझको हमेशा करते तुन हैरान ही गए

कुछ अपने जो हरदम मेरे रहते करीब हैं
ना जाने क्यों बनते सभी हैवान ही गए

इक तेरी मुहब्बत पे मुझको तो नाज है
करते हमेशा ऊंचा तुम सोपान ही गए

शिशिर मधुकर

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4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 08/08/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/08/2019
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/08/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/08/2019

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