हाल-ए-दिल – राकेश आर्यन

हाल-ए-दिल न बयाँ कीजिये कभी यूँ बे-क़रार होकर।
लोग इसमे भी अब अदब की गुंजाइश ढूंढते हैं।

4 Comments

  1. C.M. Sharma 23/07/2019
  2. डी. के. निवातिया 23/07/2019
    • Rakesh Aryan 23/07/2019

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