इश्क़ वफा है – राकेश आर्यन

ख़ता है, और वो ख़ुदा भी है, सुना है इश्क़ तो बस पाबन्द-ए-वफ़ा है।
पर मुसव्विर मैं धुंधली किस्मत का, शायद यही अब मेरा कहकशां है।

3 Comments

  1. C.M. Sharma 22/07/2019
  2. डी. के. निवातिया 22/07/2019
  3. Rakesh Aryan 22/07/2019

Leave a Reply