आत्मा की पहचान – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

आत्मा की पहचानरूहप्राणआत्मा।अजर हैअटल हैऔर अमर है ।सुक्ष्म तत्वपरमात्मा काविघटित अंश है।रुपांतरण होने वालीनिरुत्तर कर देने वालीएक कड़वी सत्य है।पर ब्रह्मसार्थक स्वरूपजल में घुले मिश्री की भाँति है।हृदय में बास करने वालीचराचर प्राणियों में विद्यमानएक प्रकाश पुंज है।अग्नि उसे जला नहीं सकतीशस्त्र उसे काट नहीं सकताऔर वायू उसे सुखा नहीं सकती।निराकार हैनिर्विकार हैइसके टुकड़े नहीं हो सकते।आत्मा उर्जा का श्रोत हैजीवित इंसान में जिवात्मामृत्यु बाद परमात्मा में लीन हो जाती है।आत्माजिसमेंअसीम ज्ञान का भंडार निहित है।दुरात्मादुष्ट और नीच आचरण करनेवालाभ्रष्टाचारी व्यक्ति कहलाता है।परमात्मापरब्रह्म ईश्वर का स्वरूप हैयह हमें चेतना सिखलाती है।इसकी उपासना की जातीअंतरात्मा ईश्वर मिलन की प्राप्ति हैयह सद्भाव और प्रेम से आता है।

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  1. C.M. Sharma 18/07/2019

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