हाथ में हाथ लिए – शिशिर मधुकर

दिल की बातें ए सनम एक फकत तुझ से कहीं तेरी छवियों के बिना अंखियां इक पल ना रही पानी बरसा ना किया कब से सूखी है नदी लहरें साहिल से सटी देखो कब से ना बहीं चैन बाहों में तेरी मुझको आ कर जो मिला सुकून वैसा तो कहीं देखो मिलता ही नहीं शोर दुनिया में मचा दीवारें बनती गईं प्यार के वार से पर सारी बाधाएं ढहीं जहां अवरोध ना हों हम भी खुल कर के मिलें हाथ में हाथ लिए मधुकर चलते हैं वहीं शिशिर मधुकर

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2 Comments

  1. C.M. Sharma 15/07/2019
    • Shishir "Madhukar" 15/07/2019

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