हौसला:-विजय

आने दे जिंदगी में तूफानों को जरा
आजमा ले हौसलो को अपने तू जरा
यूँ तो चिड़िया भी उड़ जाती है साफ़ आसमानो में
बिगड़े मौसम में भी उड़े,ऐसा बाज़ बन तू ज़रा

आने दे जिंदगी में अंधेरों को जरा
आजमा ले चिंगारी को तुझमे है जो पड़ा
यूँ तो आग में जल जाते है हर चीज़ सारे
जलकर जो आग से निकले,वो कुंदन बन तू जरा

आने दे जिंदगी में सैलाबों को जरा
आजमा ले विश्वास के नाव को अपने तू जरा
यूँ तो डूब जाती है सैलाबों में तमाम जिंदगियां
जो किनारे पहुँच जाएँ, ऐसा मांझी बन तू जरा

2 Comments

  1. C.M. Sharma 12/07/2019
  2. Shishir "Madhukar" 12/07/2019

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