मैं

तेरी गुस्ताख़ निगाहीं से परीशाँ हूँ मैंकिसी दिन खुल के ये कह दे की तेरी जां हूँ मैंमुझको आता नहीं बातों को बनाना शायदगुफ़्तगू सुन के तेरी इसलिए हैरां हूँ मैंतेरी सादादिली को और बयां कैसे करुँगुमशुदा करके मुझे पूछे है कहाँ हूँ मैंआरज़ू कहती है की बात कहूँ दिल की मैं उसेलफ्ज़ की इल्तिजा ठहरो अभी नादाँ हूँ मैंसफर में तुमने जहा से बदल लिया रास्तामुद्दतों से उसी एक मोड़ पे खड़ा हूँ मैंबिछड़ के मुझसे तुझे भी है अब सुकून कहांतेरे इस लाइलाज़ मर्ज़ की दवा हूँ मैं 

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

3 Comments

  1. C.M. Sharma 01/07/2019
    • Dr. Nitin Kumar pandey 02/07/2019
  2. डी. के. निवातिया 01/07/2019

Leave a Reply