उसके बाद की जीत सबसे बड़ी है…….

आज मन काबू में नहीं है

तू जो अब आरज़ू में नहीं है

डरता था आज तक जो मन

आज फिर वो तराजू में नहीं है 

नसीब से ज्यादा किसको मिला

हर कोई सुनाता है यही सिला

ताली जब दोनों हाथ से बजी थी

फिर क्यूँ ज़ख़म एक को मिला 

मुट्ठी में दाने बेसक कम थे

किसान के हौसले फिर बुलंद थे

एक एक दाने में बहुत दम था

तेरे छलावे के आगे सब कम था

एक छलिया वो बहुत बड़ा है

जो अपनी ज़िद पर अड़ा है

एक तप हमारा भी बड़ा था

जिसका असर हम पर पड़ा था 

अब आस उस पर अड़ी है

ये निर्णायक की ही घड़ी है

काश उजाला पहले तुम पर पड़े

उसके बाद की जीत सबसे बड़ी है 

 उसके बाद की जीत सबसे बड़ी है…….

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

One Response

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 17/06/2019

Leave a Reply