एक शक्श बेचारा ही रहा…

एक तरफ़ पाने की इकछा है ! एक तरफ़ खोने का जुनून है !!  

एक श्क्श जीतना चाहता है ! एक शक्श को सब क़बूल है !!

अब बरसात हल्की होने लगी है! समय अपना रंग दिखा रहा है !!

जीत किसी एक श्क्श की ही है! जुनून अंतिम छोर तक आ रहा है!!

कोई वादा वादा ना रहा! हर विसवास आधा ही रहा!! 

जीत जैसी जिसकी भी हो! एक शक्श बेचारा ही रहा!!

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  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 17/06/2019

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