चुनाव और उम्मीदें

इस लम्बी सी कतार मेंलगी हैं मीलों लम्बी उम्मीदें,कुछ हैं बिजली-पानी सी,कुछ सर पर छत सी उम्मीदें…हर शख्स है चुपचाप खड़ा,पर नज़रें बातें करती हैं,हर चेहरे के मन की उम्मीददूजे से बातें करती हैं…है पेंशन बढ़ने की उम्मीदइक बूढी विधवा की आंखों में,हो रोज़गार में कुछ वृद्धि,है आशा इक युवा की बातों में…कुछ कर्जा-माफ़ी की उम्मीदलिए हुए इक किसान खड़ा,वहीँ पीछे कतार मेंइक व्यापारी हैं चुपचाप बड़ा..बीच कतार में खड़ा बुज़ुर्ग चाहता है,घर के सामने की सड़क बन जाएइक गरीब माँ की ख्वाइश हैकहीं मुफ्त अंग्रेजी स्कूल खुल जाए..इस लम्बी सी कतार मेंलगी हैं मीलों लम्बी उम्मीदें,कुछ हैं बिजली-पानी सी,कुछ सर पर छत सी उम्मीदें…

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/04/2019
    • Garima Mishra Garima Mishra 25/04/2019
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 26/04/2019
    • Garima Mishra Garima Mishra 29/05/2019

Leave a Reply