किनारा – डी के निवातिया

किनारा

मझदार में टूटी कश्ती को किनारा नहीं मिलता,मन के अंधेरों में खोये को,उजियारा नहीं मिलतासंभलकर चल राही, अपने वक़्त को पहचानकरबीता हुआ लम्हा जिंदगी में दोबारा नहीं मिलता !!!डी के निवातिया

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

8 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 29/03/2019
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/04/2019
  2. arun kumar jha arun kumar jha 29/03/2019
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/04/2019
  3. Garima Mishra Garima Mishra 29/03/2019
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/04/2019
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/03/2019
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/04/2019

Leave a Reply