कयास – शिशिर मधुकर

कोई रिश्ता फ़कत इक नाम से ना खास होता हैमुहब्बत जो भी बांटेगा वो दिल के पास होता हैपरेशां मन जो रहता है गैर दोषी नहीँ इसके मेरे घर में ही कुछ खामी है ये एहसास होता हैबात कितनी करे कोई अगर उल्फ़त नहीं दिल मेंदूरियों का हर समय बीच में आभास होता है कोई गैरों की पूजा में ही जब मसरूफ़ रहता होसामने उसके तो बस अपनों का उपहास होता हैज़िन्दगी क्या शक्ल लेगी किसे मालूम है मधुकर सभी का अपना अपना कोई बस कयास होता है शिशिर मधुकर

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 06/03/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/03/2019

Leave a Reply