खयालों का शहर

हर मन में इक खयालों का शहर बसता है…इक ज़हरीले नाग सा, हमें धीरे-धीरे डसता है..बेमाने, बेख़ौफ़, बेपरवाह से हैं इस शहर के बाशिंदे…चीते की रफ़्तार से, बेलगाम घोड़ों से, दौड़ते हैं इस शहर के बाशिंदे..पाओगे नहीं कभी इस शहर के चेहरों को मिलते-जुलतेन दुआ-सलाम, न राम-रहीम, न खैरियत पूछते..आती नहीं है नींद इस शहर की आँखों को,ये जागती हैं दिन में, और जगाती हैं रातों को..खयालों की तो आवाज़ नहीं होती,तो फिर क्यों है इतना शोर इस शहर में..न किसी ने चीखा, न पुकारा,तो गूंजती है किसकी आवाज़ इस शहर में..

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

4 Comments

  1. Devesh Dixit 21/02/2019
    • Garima Mishra 27/02/2019
  2. Subash 22/03/2019
    • Garima Mishra 24/04/2019

Leave a Reply