गीत – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

गीत कोई तो गाया होताकिस्मत को आजमाया होता।हुनर कोई आपसे सीखेसबों का दिल बहलाया होता।सीखकर लोग नाम कमा रहेमहफिल वो अपना जमा रहे।आप हैं बूढ़े तो क्या हो गयारंग ऐसा कुछ दिखाया होता।गीत कोई तो गाया होताकिस्मत को आजमाया होता।कितना सुंदर नाम था इनकासबसे अच्छा काम था इनका।ना जाने क्यों फीके पड़ गयेरंग मंचों पर छाया होता।। गीत कोई तो गाया होताकिस्मत को आजमाया होता।उनकी मेहनत देखी मैंनेउनसे सब कुछ सीखी मैंने।इतना क्यों कमजोर पड़ गयेखुशियाँ बटोर लाया होता।गीत कोई तो गाया होताकिस्मत को आजमाया होता।

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3 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma 30/01/2019
  2. Sukhmangal singh 31/01/2019

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