बस इतनी सी बात हुई है

*बस इतनी सी बात हुई है*बस इतनी सी बात हुई हैबातें सारी रात हुई हैसुलझे थे जो उलझे हैं अबकैसी ये मुलाकात हुई है।प्रेम मुखर होता है जब भीखामोशी चिल्लाती हैतन्हा रहने वाले को भीतन्हाई न भाती हैडूब ख़यालो में तेरे वोखुद से बातें करता हैतेरा एक ठिकाना उसके दिल मेंतू अब रहता हैतन महके सोंधी मिट्टी साज्यों पहली बरसात हुई है।नर्म बिछौने हो रेशम केनींद नही फिर आने वालीप्रियतम से दूरी की रातेंहोगी बड़ी सताने वालीहृदय सिंधु का सृजन प्रेम कीव्यापकता का सार रहाप्रेम अश्रु की प्रथम बूंद नेपलकों से पुचकार कहाइक दौर चलेगा अश्कों काअभी तो बस शुरुआत हुई है।कल तक जो बेगाना थावो भी अपना सा लगता हैनफरत का संसार बृहद थाअब अदना सा लगता है।लड़ कर जीत न पाया उनकोसिर अपना कई बार धुनापत्थर पिघल गए राहों केजब फूलों का हार चुना।धूप छांव के मधुर मिलन कीनित्य नई प्रात हुई है।बस इतनी सी बात हुई हैबातें सारी रात हुई है। -देवेंद्र प्रताप वर्मा”विनीत”

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2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 19/01/2019
  2. C.M. Sharma 23/01/2019

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