करार – शिशिर मधुकर

सुन ले मैं थक चुका हूँ तेरे इंतज़ार मेंदूरी ये अच्छी नहीं इतनी भी प्यार मेंदुश्वारियां कबूल थी जब साथ में चलेखामोशी मगर थी नहीं अपने करार मेंमुझको ख़बर हुई नहीं तेरे मिजाज कीलेकिन कमी ना है कोई मेरे खुमार मेंजब से गए हो तुम वहाँ देता रहा सदाक्या तुमको दर्द ना दिखा मेरी पुकार मेंसहरा में यूँ तो गुल यहाँ महके हैं आज भीमधुकर मगर ना है मज़ा तुझ बिन बहार में शिशिर मधुकर

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6 Comments

  1. C.M. Sharma 11/01/2019
    • Shishir "Madhukar" 12/01/2019
  2. डी. के. निवातिया 11/01/2019
    • Shishir "Madhukar" 12/01/2019
  3. bhupendradave 13/01/2019
    • Shishir "Madhukar" 14/01/2019

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