दिल मे घर कर गई है कई रात

दिल मे घर कर गयी है कई रातवो रात जिसमे होती थी तुमऔर होती थी तुमसे मेरी मुलाकातचाँद की ओट में खड़ी हो मुस्कुराती थी तुमसितारों को केशो में लिपटा करखुद को सजाती थी तुमहाँ ,तुम स्वपन में ही करती थी मुलाकातआज याद आ रही फिर वही रातनींद भले नहीं आयी है बरसो सेपर सोने की कोशिश करता हूँ फिर आजइस उम्मीद से की तुम लौट आओगीआज की रात फिर से करने बातसुलझा दोगी मेरी उलझनों को खुल जाएंगी मन की गांठबता दोगी अपने मन की बातउजागर कर दोगी अपने दिल के सारे राजऔर ठहर जाओगी तुम मेरी ज़िंदगी मेंमेरी सांसो का हिस्सा बन करतब तुम्हे देखने के लिएआंखों को बंद करने की जरूरत नहीं होगीतुम स्वपन नहीं हकीकत होगी–अभिषेक राजहंस

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

One Response

  1. C.M. Sharma 21/12/2018

Leave a Reply