सार छंद (पलाश और नेता)

सार छंद (पलाश और नेता)छन्न पकैया छन्न पकैया, टेसू सा ये नेता।सूखी उलझी डालों सा दिल, किसका भी न चहेता।।पाँच साल तक आँसू देता, इसका पतझड़ चलता।जिस में सोता कुम्भकरण सा, जनता का जी जलता।।छन्न पकैया छन्न पकैया, कब खुल्ले में आता।जब चुनाव नेड़े आते हैं, तब यह शोर मचाता।।ज्यों बसंत में टेसू फूले, त्यों चुनाव में नेता।पाँच साल में एक बार यह, जनता की सुधि लेता।।छन्न पकैया छन्न पकैया, रंग ढंग है कैसा।रंग बदलता चाल भाँप के, गिरगिट के ये जैसा।।चटक मटक ऊपर की ओढ़े, गन्ध हीन टेसू सा।चार दिनों की शोभा इसकी, फिर उलझे गेसू सा।।बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’तिनसुकिया

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

3 Comments

  1. C.M. Sharma 17/12/2018
  2. डी. के. निवातिया 17/12/2018
  3. kiran kapur gulati 18/12/2018

Leave a Reply