पाहन – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

पाहन में विश्वास है इतना, जागृत होकर देखोधर्म संस्कृति ऐसे चलती, जागृत होकर देखो।इस देश का माटी चंदन, जहाँ अमृत गंगा जल हैजगह जगह पर देव देवालय, जागृत होकर देखो।वेद पुराण कुरआन बाइबिल, गुरु ग्रंथ प्यारा हैयहीं पर जन्में आदी मानव, जागृत होकर देखो ।रूप बदलकर जन्म हैं लेते, हैं ये विष्णु अवतारसंकट को वह दूर हैं करते, जागृत होकर देखो।जब भी धर्म की होती हानी, बन जाते असुर विकरालतब तब दलन उनका है होता, जागृत होकर देखो।हम सब के रखवाले हैं वह, कृति उनका है महानइस जगत के हैं पालन हारी, जागृत होकर देखो ।कण कण में है वास हरि का, जहाँ भी देखो तुम जाकरमन की आँखें खोल लो प्यारे , जागृत होकर देखो ।कर्म के मर्म तुम भी जानो, इतना तो विश्वास करोसत्य मार्ग पर सीखो चलना , जागृत होकर देखो।अपना ये पहचान बनाओ, साथ नहीं कुछ जायेगाधन दौलत यहीं सभी रहेगा, जागृत होकर देखो।

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2 Comments

  1. डी. के. निवातिया 18/10/2018
  2. C.M. Sharma 20/10/2018

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