उसी पे हँस के जीना है – शिशिर मधुकर

वो मेरा हो नहीं सकता जिसने मेरा चैन छीना हैज़हर ना चाह कर भी पर मुझे जीवन में पीना है धार है तेज नदिया की और इसे पार करना हैना जाने क्या करे किस्मत मेरा टूटा सफीना है कोई तो पा गया सब कुछ मुकद्दर ही का खेला हैकिसी का उम्र भर देखो फ़कत बहता पसीना हैमेरी जो प्यास को देखा तो वो उपहास करता हैउसे तो हर जगह बस दिख रहा सावन महीना हैनहीं उम्मीद मधुकर अब बहारे फिर से आएंगीचुनी जो राह जीवन की उसी पे हँस के जीना है शिशिर मधुकर

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

4 Comments

  1. Rajeev Gupta 16/10/2018
    • Shishir "Madhukar" 16/10/2018
  2. अरुण कान्त शुक्ला 16/10/2018
    • Shishir "Madhukar" 16/10/2018

Leave a Reply