भाईचारा – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

समझो क्या है भाई चाराबिन इसके है कहाँ गुजारा।बिन मेल कुछ कहाँ है संभवसाथ मिले तो दिखे किनारा।हर प्रयास में संग जरूरीहै सफल जब साथ तुम्हारा।अच्छी नीति मेल ही होताएक दुसरे का बने सहारा।सब के सपने होते पूरेजब रिश्ते बनते हों प्यारा।जिद पर काम नहीं है चलताजो न समझा वही है हारा।मिल मिलाकर करते जो कामबन जाते आँखों का तारा।नहीं अकेला कर कुछ सकताजगह – जगह फिरता है मारा।है समाज संसार पुरानाबनते कितने राज दुलारा।

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

5 Comments

  1. C.M. Sharma 24/09/2018
    • Bindeshwar Prasad sharma 24/09/2018
  2. डी. के. निवातिया 25/09/2018
  3. Shishir "Madhukar" 25/09/2018

Leave a Reply