हिन्दी

भारत माँ की भाषा हिन्दीकवियों की अभिलाषा हिंदीख्वाब संजोए अंतर्मन कीमधुमय शीत सुवासा हिन्दीअखिल विश्व में है सम्मानसार्थक सकल प्रतिष्ठावानदेश काल से परे कांतिमयअनुपम सी उल्लासा हिंदीमाघ महाकवि का श्रृंगारभारतेंदु का चिर सत्कारतुलसी की चितवन चौपाईनवयुग की परिभाषा हिंदीमीरा के सुर,भजन सूर केकालजयी दोहे कबीर केचंचल दृष्टि बिहारी की रतिरहिमन की प्रत्याशा हिंदीसहज भाव मे पीर उकेरेदुख दुखियों के हैं बहुतेरेमहादेवी निराला दिनकरसबकी शोक पिपासा हिंदीशब्दों से सेवा नित करतेनवांकुर आलोक उभरतेकहाँ छोर है मानस तट काप्रकट करे जिज्ञासा हिंदीहिंदी की सेवा का वर दोहे ईश्वर वह दृष्टि मुझे दोदेख सकूं तेरा विस्तारतू शिव तो कैलाशा हिंदी।।-देवेंद्र प्रताप वर्मा”विनीत”

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

2 Comments

  1. Bhawana Kumari 16/09/2018
  2. Shishir "Madhukar" 16/09/2018

Leave a Reply