थक गया हूँ – शिशिर मधुकर

थक गया हूँ अब मैं तेरे इंतज़ार मेंवीरानी सी छा गई है मेरे दयार मेंनाराज़ होके मैंने जो भी तुझे कहाजुबान अब नही है मेरे इख्तियार मेंखुशबू तेरी संग जो ले के नहीं आतीआनन्द कोई है नहीं ऐसी बयार में दुश्बारियां बढेगी तो सब छूट जाएगा ये तो ना तय किया था हमनें करार मेंतन्हाइयों का मारा जो सो गया यहाँ मधुकर तड़प रहा है वो इस मजार में शिशिर मधुकर

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4 Comments

  1. C.M. Sharma 15/09/2018
    • Shishir "Madhukar" 16/09/2018
  2. Bhawana Kumari 15/09/2018
    • Shishir "Madhukar" 16/09/2018

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