राखी आई- Bhawana Kumari

रंग बिरंगी हीरे मोती जड़ी राखियाँ है छोटी बडी कच्चे धागे में स्नेह अपार आया राखी का त्यौहार ।दुकान भी राखी से भरी पड़ी मैं सोचूं खड़ी खड़ी कौन सी राखी लूँ इस बार आया राखी का त्यौहार ।राखी में थोड़े दिन है शेष बहना तेरी बसी परदेश लिख कर भेजूं एक संदेस सच्चा है भाई बहन का प्यार आया राखी का त्यौहार ।भावना कुमारी

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4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 03/09/2018
  2. Bhawana Kumari 03/09/2018
  3. C.M. Sharma 04/09/2018
    • Bhawana Kumari 04/09/2018

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