दोहे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

हिम्मत मन मैं हो अगर, तो बेड़ा हो पारजिसमें हो विश्वास बड़ा, कभी नहीं लाचार।करना है जो ठान लो ,हो जितना लाचारमंजिल मिल जाती उसे,बदले नहीं विचार।समझ गये जो चेतना, रखते उस पर ध्यानगलती कर सकते नहीं, ऐसा है ये ज्ञान।मन भाये जो आपका, सुंदर होता रूपढ़ूढ रहे दरियाव क्यों, प्यास बुझाये कूप।भ्रात -बहन का प्रेम है, जाने सकल जहानभाई बहना के लिये , देते अपनी जान।पैसों से मत तोलिये, बहनों का संसार।भ्रात – बहन का प्रेम है, राखी का त्योहार।तिलक लगाकर हाथ में, धागे का ये साजरिश्ता अरु रक्षा वचन, है राखी की लाज।-

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 28/08/2018

Leave a Reply