अगर दीवानगी होती – शिशिर मधुकर

अगर दीवानगी होती तो तुम पहलू में आ जातेतरसती आँखों को मेरी हसीं सूरत दिखा जातेएक उलझन की खातिर तुम मेरे नज़दीक आए थे मुहब्बत तुमने की होती उसे कब की निभा जातेबहाने दूर रहने के लाख अब करते हो तुम भी अगर सच्ची प्रीत होती सांसों में तुम समा जातेलकीरें तो ज़माना खींचता आया है सदियों सेअगर हिम्मत करी होती तो तुम इनको मिटा जातेमन में बसा के डर कसम तुम क्या निभाओगेवरना तुम हाले दिल आके मधुकर को सुना जाते शिशिर मधुकर

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2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 20/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/08/2018

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