मेरे दिल में बसे हो तुम – शिशिर मधुकर

ना तेरा साथ मिलता है ना तुझको भूल पाती हूँप्रीत तुम से लगी है जो उसी को अब निभाती हूँ भले मुँह से ना कुछ बोलूं दिल तो आवाज़ देता हैनज़र से बात कर के ही तो मैं तुम को बुलाती हूँ मेरे दिल में बसे हो तुम इसकी धड़कन सरीखे सेकोई भी राज़ दिल का तुम से अब मैं ना छुपाती हूँबड़ा दुश्मन ज़माना है नज़र रखता है ये मुझ पेतभी अधिकार अपने तुम पे भी मैं ना जतातीं हूँमुझे कुछ भी मिले या ना मिले परवाह नहीं मधुकरये क्या कम है बहारों सी मैं तेरा मधुवन खिलाती हूँ शिशिर मधुकर

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4 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/08/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 18/08/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/08/2018

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