प्रीत उसने निभाई है

लो काली रात गुज़री है रोशनी फिर से आई है कली उस शाख पे देखो उभर के कसमसाई है अंधेरो में भले ही कुछ समय को आस टूटी हो मगर मौक़ा मिला जिस पल प्रीत उसने निभाई है कभी ऐसा भी होता है लब तो खामोश रहते हैं मगर नज़रों से दिल की बात तो उसने बताई है बड़ा तूफ़ान आने पर उजड़ जाता है सहरा भी मगर माली ने देखो डाल वो फिर से खिलाई है मुहब्बत हो गई इक बार तो ये मर नहीं सकती यही एक बात मधुकर उसने बातों से जताई है

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12 Comments

  1. Anjali yadav 31/07/2018
    • Shishir "Madhukar" 01/08/2018
  2. ANU MAHESHWARI 01/08/2018
    • Shishir "Madhukar" 01/08/2018
  3. C.M. Sharma 01/08/2018
    • Shishir "Madhukar" 01/08/2018
  4. Rinki Raut 01/08/2018
    • Shishir "Madhukar" 01/08/2018
  5. डी. के. निवातिया 02/08/2018
    • Shishir "Madhukar" 02/08/2018
  6. Bhawana Kumari 02/08/2018
    • Shishir "Madhukar" 02/08/2018

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