गुरु छवि ऐसी प्यारी मनवा…सी.एम्.शर्मा (बब्बू)….

गुरु छवि ऐसी प्यारी मनवा….गुरु छवि ऐसी प्यारी…..भोर मेरे जीवन की गुरु से….निंदिया भी आये प्यारी…मनवा….गुरु छवि ऐसी प्यारी…राह न भटकूं जीवन में कभी….गुरु अखियां रहत निहारी…मनवा…..गुरु छवि ऐसी प्यारी…सोच मेरी मन भाव प्रेम के….गुरु दे हैं उभारी…मनवा…..गुरु छवि ऐसी प्यारी….मनवा….तृष्णा मिटी मन तृप्त भया अब….गुरु सागर बलिहारी….मनवा….गुरु छवि ऐसी प्यारी….गुरु मेरे की ज्योत जगी जब से….कुमति मेरी सब हारी….मनवा…गुरु छवि ऐसी प्यारी….देख देख छवि गुर आपण की….मेरी नाचें वृतियां सारी…मनवा….गुरु छवि ऐसी प्यारी…..गुरु छवि मैं जब भी निहारूं….पाऊं कृष्ण मुरारी….मनवा…गुरु छवि ऐसी प्यारी…..\/गुरुकृपा रचित – सी.एम्.शर्मा(सब को गुरुपूर्णिमा की कोटि कोटि बधाई….सब का मंगल हो…. मन विजयी हो….)

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10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 28/07/2018
    • C.M. Sharma 01/08/2018
  2. Bhawana Kumari 28/07/2018
    • C.M. Sharma 01/08/2018
  3. Rajeev Gupta 28/07/2018
    • C.M. Sharma 01/08/2018
  4. ANU MAHESHWARI 29/07/2018
    • C.M. Sharma 01/08/2018
  5. डी. के. निवातिया 30/07/2018
    • C.M. Sharma 01/08/2018

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