इश्क कोई तिजारत नही है – अनु महेश्वरी

जब मिलन की इजाजत नहीं है,प्यार में फिर सदाकत नहीं है।शर्त कोई कभी हो न इसमें,इश्क कोई तिजारत नही है।आज तुम भूल बैठे हमें क्यों,अब तुम्हें क्या मुहब्बत नही है।तुम उदासीन हो क्यों बतादो,तुमसे कोई अदावत नही है।तुम नहीं हो अगर मेरे मुक़द्दर,फिर हमें भी शिकायत नही है। अनु महेश्वरी

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 22/07/2018
    • ANU MAHESHWARI 04/01/2019
  2. C.M. Sharma 23/07/2018
    • ANU MAHESHWARI 04/01/2019
  3. Bhawana Kumari 26/07/2018
    • ANU MAHESHWARI 04/01/2019

Leave a Reply