आपकी नीयत – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – (बिन्दु)

आपकी बदसलूकी से तबियत अच्छी नहीं लगतीन जाने क्यों अब आपकी नीयत अच्छी नहीं लगती।हम तो बदलना चाहते थे आपको जमाने की तरहपर क्या करें आपकी ये हरकत अच्छी नहीं लगती।ये हरकतें जो करते हो तुम इसको छोड़ दो अब भीरोज रोज इस तरह की ये तोहमत अच्छी नहीं लगती।बदल दो अपने तिश्नगी मिजाज उलझे मन के बारूदपर स्त्री पर बुरी नज़र ये सोहबत अच्छी नहीं लगती।खुश्क आँखों के आँसू भी बदल न पाया उसे अब तकबिन्दु को इस तरह की उसकी शिरकत अच्छी नहीं लगती।

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

3 Comments

  1. डी. के. निवातिया 04/07/2018
  2. Dr Swati Gupta 05/07/2018
  3. C.M. Sharma 06/07/2018

Leave a Reply