यकीं तुमने मोहब्बत पर जो दिल से किया होता

कहीं कुछ भी नही है जो तुम्हारी जद के बाहर हैयकीं तुमने मोहब्बत पर जो दिल से किया होतानजर जाती जहां तक बस दरख्तों की कतारें थीमुझे उस दौर में मौला कैद कर रख लिया होताजमीं प्यासी गगन जलता ज़ोर कोई नही चलताबहुत मगरूर है इंसा फिक्र कल की किया होताजो सूखी लकड़ियां बिनने गयी एक फूल की बेटीचमन रोया हिफाजत का खुदा जिम्मा दिया होतायही वहशियत एक दिन जहां को खाक कर देगीजुल्म की आग से उठते धुंए को पढ़ लिया होतादेवेंद्र प्रताप वर्मा”विनीत”

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 30/06/2018
  2. C.M. Sharma 30/06/2018
  3. ANU MAHESHWARI 30/06/2018
  4. Bhawana Kumari 30/06/2018

Leave a Reply to Bhawana Kumari Cancel reply