गीत वो फिर से गा जाओ – शिशिर मधुकर

देखो बादल बरसते हैं चलो अब तुम भी आ जाओ गुलाबों की महक बन के मेरी दुनिया में छा जाओ वो कसमें और वादे हमनें किए जो एक दूजे से हसीं मौक़ा है कुछ मेरी सुनो कुछ अपनी सुना जाओ बड़ी मुद्दत हुई तुमको ना सीने से लगाया है मेरी बाहों में आ के मखमली पलकें झुका जाओ बड़ी बेरंग है महफ़िल कोई ना सुर सजाता है ज़रा तुम ही करम कर दो गीत वो फिर से गा जाओ मुझे बेचैनियां दे के सुकून तुमको ना आएगा कदम आगे बढ़ाओ फिर चैन मधुकर में पा जाओ शिशिर मधुकर

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10 Comments

  1. Dr Swati Gupta 29/06/2018
    • Shishir "Madhukar" 30/06/2018
  2. C.M. Sharma 30/06/2018
    • Shishir "Madhukar" 30/06/2018
  3. Bhawana Kumari 30/06/2018
    • Shishir "Madhukar" 30/06/2018
  4. Rajeev Gupta 30/06/2018
    • Shishir "Madhukar" 30/06/2018
  5. ANU MAHESHWARI 30/06/2018
    • Shishir "Madhukar" 30/06/2018

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