पसीने की कीमत-Bhawana kumari

भागती-दौड़ती जिंदगी में,हमें पसीने की कीमत कोई नहीं देता यारो। बहा कर हम अपना पसीना स्वीकारते जिंदगी की सारी चुनौतियां। पसीने की स्याही जब चलती है कोरे कागज़ पर तो व कोई हीरे जवाराहत से कम नहीं होती। फ़िर भी न जाने क्यों लोग सिर्फ लफ्जों से ही इसकी कीमत लगा लेते है यारो।

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

12 Comments

  1. C.M. Sharma 26/06/2018
    • Bhawana Kumari 30/06/2018
  2. ANU MAHESHWARI 26/06/2018
    • Bhawana Kumari 30/06/2018
  3. Dr Swati Gupta 27/06/2018
    • Bhawana Kumari 30/06/2018
  4. Shishir "Madhukar" 27/06/2018
    • Bhawana Kumari 30/06/2018
  5. Rajeev Gupta 27/06/2018
    • Bhawana Kumari 30/06/2018
  6. Bhawana Kumari 30/06/2018
  7. Arun Kumar Sinha 17/09/2018

Leave a Reply