प्यार है कैसा – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

दिल को दिया है चीर, इसका प्यार है कैसाफोड़ लिया अब सिर, इसका प्यार है कैसा।जाने – अनजाने अब आहें भरता हैइश्क में पागल ऐसे ही तो मरता हैगले में लगा जंजीर, इसका प्यार है कैसाफोड़ लिया अब सिर, इसका प्यार है कैसा।इश्क में ऐसे मारा-मारा फिरता हैहोश नहीं जैसे – तैसे वो गिरता हैकबतक सहेगा पीर, इसका प्यार है कैसाफोड़ लिया अब सिर, इसका प्यार है कैसा।लगता है यह प्यार में धोखा खाया हैक्या कसूर था जिसकी सजा वो पाया हैबिगड़ गया तकदीर, इसका प्यार है कैसाफोड़ लिया अब सिर, इसका प्यार है कैसा।दिल लेकर दिल को ही उसने तोड़ दियापैसे पर रकीब से नाता जोड़ लियालगी सीने में तीर, इसका प्यार है कैसाफोड़ लिया अब सिर, इसका प्यार है कैसा।

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 22/06/2018
  2. C.M. Sharma 22/06/2018

Leave a Reply