गृहिणी………..””””””””””””””””””सविता वर्मा

रूप में रागिनी, मै हूँ गृहस्वामिनीजो उठा लू कलम तो मैं गजगामिनीसार्थकता वही,अभिव्यक्ति भी वहीजो तुम में प्रकृति,हममे शक्ति भी वहीफिर किसलिए नही हमारी पहचान है।।ऐ बता दे आसमां, ऐ बता दे जमींआसुओं पर खड़ी क्यों हम नादान है।।

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

7 Comments

  1. Bhawana Kumari 08/06/2018
    • Saviakna 08/06/2018
  2. Rajeev Gupta 08/06/2018
  3. Saviakna 08/06/2018
  4. Shishir "Madhukar" 10/06/2018
  5. C.M. Sharma 13/06/2018
  6. Saviakna 04/09/2018

Leave a Reply