शोख अदाओं पर – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

किसी की याद में भटकता है तो क्या हुआ प्यार का इजहार करता है तो क्या हुआ। इक सुकून तो है कि उसको दिल में रखा हैवह अपने आप में जलता है तो क्या हुआ। शिकायत दिल से नहीं भरोसा आज भी है दिल उसका ही मचलता है तो क्या हुआ। मिलती है फुर्सत तो वह दिल थाम लेता हैहर मोड़ इंतजार करता है तो क्या हुआ। उसके शोख अदाओं पर इस तरह है कायलअपने आप में वह जलता है तो क्या हुआ। बिन्दु मान लिया लोहा ये कैसा दिवाना है प्यार सपनो में ही संवरता है तो क्या हुआ।

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6 Comments

  1. mukta 04/06/2018
  2. C.M. Sharma 04/06/2018
  3. Anu Maheshwari 04/06/2018
  4. Bhawana Kumari 04/06/2018
  5. Shishir "Madhukar" 04/06/2018
  6. Dr Swati Gupta 04/06/2018

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