पुरानी डायरी से

1कभी किसी को चाहकर तो देखोदिल में तस्वीर सजाकर तो देखोहर शब्द शायरी बन ज़ाएगाकिसी को अपना बनाकर तो देखो |2भुला नहीं पाया तुझसे मुलाक़ात मैंनिकाल लेता हूँ तेरी तस्वीर बात-बात मेंकुछ अधूरे पन्ने हैं अपनी मोहब्बत केहो इजाजत तो लिख दूँ सारे जज्बात मैं |3यादें तेरे सलूक की डसती आज भीमिलने की आरजू में तरसती हैं आज भीआँखे लाख बंध करने के बावजूदरह रह कर बरसती है आज भी |4नशा तुम्हारी आखों कापीने का बहाना करते हैंमरने की तमन्ना है तुमपरजीने का बहाना करते हैं |5ये तेरी हुश्न जवानी का आलमवो तेरी मोहब्बत की बातेंअब तेरे पास गिरवी हैंहमारी धड़कन हमारी सासें |

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11 Comments

  1. डी. के. निवातिया 30/05/2018
    • rakesh kumar 30/05/2018
  2. mukta 30/05/2018
    • rakesh kumar 31/05/2018
  3. Dr Swati Gupta 31/05/2018
  4. C.M. Sharma 31/05/2018
    • Rakesh kumar 31/05/2018
  5. Shishir "Madhukar" 31/05/2018
  6. Rakesh kumar 31/05/2018
  7. Bhawana Kumari 31/05/2018
  8. sukhmangal singh 01/06/2018

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