मानवता ही धर्म

हिन्दू ,मुस्लिम,सिख, ईसाई lकिसने इन धर्मो में बाटा है llपैदा होता है जब एक इंसा lवो धर्म लेकर नहीं आता है llधर्मो की ये मोहर लगाकर lकिसने हमको अलग किया llबाट दिए धर्मो को इन्होने lभेदभाव को ये पैदा किया llइशू, ईश्वर, अल्लाह, वाहेगुरु lसभी उसी एक के ही नाम है llकिसी भी नाम से उसे पुकारो lसब उसके लिए एकसमान है llधर्मो से ऊपर होता है कर्म lकर्म ही तो हमारी पूजा है llधर्म तो है सिर्फ मानवता lना इसके बिन कुछ दूजा है llआपस में ही हमें लड़वाया lधर्म के झूठे ठेकेदारों ने  llघेरी ज़मीन धर्म की आड़ में lरहने लगे उन्ही गलियारों में llहमारे दिए सब दान धर्म से lतिजोरी को अपनी सजाया है llदिया जन्म संसार में जिसने lआड़ में उसी की कमाया है llसोचो,समझो जानो प्यारे भाई lहिन्दू ,मुस्लिम,सिख या ईसाई llदूर करो आपस के भेदभाव को lना करो कभी आपस में लड़ाई ll————–

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13 Comments

  1. rakesh kumar 28/05/2018
    • Rajeev Gupta 29/05/2018
  2. Shishir "Madhukar" 28/05/2018
    • Rajeev Gupta 29/05/2018
  3. ANU MAHESHWARI 28/05/2018
    • Rajeev Gupta 29/05/2018
    • Rajeev Gupta 29/05/2018
  4. Bhawana Kumari 28/05/2018
    • Rajeev Gupta 29/05/2018
  5. C.M. Sharma 29/05/2018
    • Rajeev Gupta 29/05/2018
  6. Bindeshwar prasad sharma 29/05/2018
    • Rajeev Gupta 30/05/2018

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