दगाबाज

खुद की कीमत कम आंकी मैंनेअब हर कोई खरीदार लगता हैजब से छोड़ा मैंने रोनाहर कोई मददगार सा लगता है |दबाते हैं हंशी मुस्कुराहटों के पीछेआज हरकोइ तीमारदार लगता हैकीमतें गिर गई चाहतों के वसूलों कीआज हर कोई दुकानदार लगता है |रूश्तमे हिन्द भी बोलता है देखकरसियासत में एक व्यापार सा लगता हैखाते हैं बेपनाह तमाचे वफ़ा इश्क मेंजिन्हे इस देश से कुछ प्यार सा लगता है |मैली आँखें देख नहीं पाती बेशकइनका पानी बेकार सा लगता हैदामन कितना भी फैला लें ये अनाथइनसे रूठा इनका भरतार सा लगता है | मैं रोज मिलता हूँ इंसानो से ,शायद वहमगर्त में दबा हर नरकंकाल लगता हैआश तो जैसे उजड़ गई मेरीयहां हर दगाबाज पहरेदार सा लगता है

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей