अगर कभी मेरी याद आए…….

अगर कभी मेरी याद आए तो खिड़की से पर्दा हटाकर उस अधूरे चाँद को देख लेना,वो सिसकता हुआ तुम्हारे कदमो में उतरेगा, फिर मैं मिलूँगा तुम्हे उस चाँद की मीठी ठंडक में जिसने ताउम्र नाकाम कोशिशे की तुम्हारे दिल में उतरने की.अगर कभी मेरी याद आए तो तुम्हारे कमरे में संवरती उन हवाओं पे हाथ फेर लेना, मै मिल जाऊँगा उन नरम हाथों की लकीरों में जो पहले मिट जाया करती थीं ताकि मैं उनका पीछा न कर सकूं,पर अब मैंने उनसे दोस्ती कर ली हैअब वो मुझे अपने पास आने देते हैं, तुम देख लेना.अगर कभी मेरी याद आए, तो पीछे छोड़ आये उन रास्तों में मुझे तलाश लेना,मैं तुम्हारे उस हर कदम में मिल जाऊँगा जो तुमने कभी बढ़ाये थे मुझसे दूर जाने के लिए,मैं आज भी इंतज़ार करता दिखूंगा वहां,क्यूंकि मुझे यकीन है तुम लौटोगी ज़रूर.और अगर ना मिलूं मैं तुम्हें उस चाँद की मीठी ठंडक में,हाथो की लकीरों में या उन रास्तो में,तो एक बार ज़रूर मेरे उस टूटे पुराने कब्र में जाकर देख लेना की कहीं मैं वहां खुश तो नहीं हूँ.नितेश बनाफ़र (कुमार आदित्य )

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

11 Comments

  1. davendra87 21/05/2018
  2. डी. के. निवातिया 22/05/2018
    • nitesh banafer 23/05/2018
  3. Bindeshwar prasad sharma 22/05/2018
  4. Dr Swati Gupta 22/05/2018
  5. Madhu tiwari 23/05/2018
    • nitesh banafer 23/05/2018
  6. Shraddha Dev 02/04/2019

Leave a Reply