“माँ”…इंतज़ार… सी.एम्. शर्मा (बब्बू)….

  जिन नैनों से देखा तुमने आज उनमे रही ज्योत नहीं…जिन बाहों ने संभाला तुझको बची उनमें ताकत नहीं…ममता का समंदर छलकता अब भी पहले जैसा है….पर उसको पाने की तुझमें लगता अब चाहत नहीं….\/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)….(मुझे अभी अभी कहीं से ये ‘फोटो’ मिली है…किस ने बनायी नहीं मालूम….बस इसको देख कर लिखा जो मन में आया…मैं उस आत्मा का आभार प्रकट करता हूँ…जिसने ये फोटो पेंट की है…उसको नमन…और हर माँ को नमन मेरा…)

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

20 Comments

  1. ANU MAHESHWARI 17/05/2018
    • C.M. Sharma 19/05/2018
  2. Dknivatiya 17/05/2018
    • Rakesh kumar 18/05/2018
      • C.M. Sharma 19/05/2018
    • C.M. Sharma 19/05/2018
  3. Bindeshwar prasad sharma 18/05/2018
    • C.M. Sharma 19/05/2018
  4. Dr Swati Gupta 18/05/2018
    • C.M. Sharma 19/05/2018
  5. Abhishek Rajhans 18/05/2018
    • C.M. Sharma 19/05/2018
  6. Bhawana Kumari 18/05/2018
    • C.M. Sharma 19/05/2018
  7. davendra87 19/05/2018
    • C.M. Sharma 21/05/2018
  8. mukta 20/05/2018
    • C.M. Sharma 21/05/2018
  9. Shishir "Madhukar" 20/05/2018
    • C.M. Sharma 21/05/2018

Leave a Reply