तितलियों से कह दो – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

तितलियों से कह दो कि हमें रिझाना बंद करेअपनी शोख अदाओं से, दिल चुराना बंद करे। बहुत देखे हमने, प्यार में धोखे खाए हुए भौंरे कलियों पर, अब गुनगुनाना बंद करे। गुल गुलशन ये चमन अब सब का जान ले लेगा वहारों से कह दो, हवाओं में महकना बंद करे। फूल संहलता नहीं, कलियों पर निगाहें कैसी हैवानों से कह दो, जूल्म ढाना बंद करे। हया कुछ बची है, तो उसे आँख में रहने दोशर्म करो, अपना ये खेल पुराना बंद करे।

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4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/05/2018
  2. davendra87 davendra87 12/05/2018
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 14/05/2018
  4. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 14/05/2018

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