ये कौन सा सभ्य समाज है (2)- डी के निवातिया

ये कौन सा सभ्य समाज है (भाग – दो)

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ये कौन सा सभ्य समाज है, ये किस सदी का राज़ हैमानव का मानव दुश्मन, लुप्त प्राय: लोक-लाज है !!शिक्षा में सब यहां ज्ञानी हैकरते अपनी मनमानी हैअर्थ-अनर्थ का भेद न जानेरूढ़िवादी परम्परा को मानेदुनिया के अग्रणी बनते हमआत्मावलोकन नहीं करते हममानसिकता गर बचकानी हैसर्व ज्ञान तब तक बेमानी हैउपाधियों का पुलिंदा साथ हैशिष्टाचार में उनका तंग हाथ हैजो ज्ञानी सिस्टम के गुलाम हुएचर्चे उनके ही नाम के आम हुएज्ञान के महत्ता को पहचानो आजव्यवहार से बनना होगा सरताजशिक्षा यथेष्ट मार्ग दिखलाती हैफिर क्यों अराजकता नजर आती हैये कौन सा सभ्य समाज है, ये किस सदी का राज़ हैमानव का मानव दुश्मन, लुप्त प्राय: लोक-लाज है !!

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डी के निवातिया

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12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 08/05/2018
    • डी. के. निवातिया 18/05/2018
  2. Bhawana Kumari 08/05/2018
    • डी. के. निवातिया 18/05/2018
  3. Dr Swati Gupta 08/05/2018
    • डी. के. निवातिया 18/05/2018
  4. ANU MAHESHWARI 09/05/2018
    • डी. के. निवातिया 18/05/2018
  5. C.M. Sharma 09/05/2018
    • डी. के. निवातिया 18/05/2018
  6. Chandramohan Kisku 09/05/2018
    • डी. के. निवातिया 18/05/2018

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