अब लौट भी आ…

मेरी ज़िन्दगी से जो तुम गयी इस कदरमैं बन गया बियाबान बंजरटूट कर बिखर गयाजो साथ तेरा छूट गयावक़्त ने भी मुहं मोड़ लियामैं रह गया अस्थि -पंजरहै तुम्हे हालात पतामेरे सारे जज्बात पताअब लौट भी आ…मैं दिन का सूरज थारौशन रहा करता थातुम जो चल गयी एक बार तोमैं शाम की तरह ढल गयामोम सा पिघल गयाखता चाहे जो भी हुई हो मुझसेमुझे माफ़ कर देनादम घुटता है तुम्हारे बिनातुम्हारे इंतजार का दंश झेल नहीं सकताअब लौट भी आ…तेरे बिना मैं तो मर भी नहीं सकता—-अभिषेक राजहंस

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 08/05/2018
  2. डी. के. निवातिया 08/05/2018
  3. Chandramohan Kisku 08/05/2018
  4. Bhawana Kumari 08/05/2018
  5. ANU MAHESHWARI 09/05/2018
  6. Bindeshwar Prasad sharma 11/05/2018

Leave a Reply