जो साथ कोई देता रहे – शिशिर मधुकर

साथ रहता है जो हरदम सगा नहीं होता वरना मुझको भी यूँ उसने ठगा नहीं होता नैन में स्वप्न लिए नींद भी आ जाती थी वरना तन्हा पड़ा मैं भी जगा नहीं होता दूर से देखने पे सच ना नज़र आता है वरना रिश्तों में यूँ अक्सर दगा नहीं होता कभी अनजानी डगर चोट भी दे जाती है वरना पैरों में ये नश्तर लगा नहीं होता बुरे हालातों में जो साथ कोई देता रहे सच की राहो से वो हरगिज़ डिगा नहीं होता शिशिर मधुकर

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14 Comments

  1. Dr Swati Gupta 05/05/2018
    • Shishir "Madhukar" 08/05/2018
  2. ANU MAHESHWARI 06/05/2018
    • Shishir "Madhukar" 08/05/2018
  3. C.M. Sharma 06/05/2018
    • Shishir "Madhukar" 08/05/2018
  4. Bindeshwar Prasad sharma 06/05/2018
    • Shishir "Madhukar" 08/05/2018
  5. davendra87 07/05/2018
    • Shishir "Madhukar" 08/05/2018
  6. डी. के. निवातिया 07/05/2018
    • Shishir "Madhukar" 08/05/2018
  7. Bhawana Kumari 08/05/2018
    • Shishir "Madhukar" 08/05/2018

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